3. सम संख्या, विषम संख्या, अभाज्य संख्या, युग्म अभाज्य, सहअभाज्य, संयुक्त संख्याएँ
1.3 : सम संख्या, विषम संख्या, अभाज्य संख्या, युग्म अभाज्य, सहअभाज्य, संयुक्त संख्याएँ
इसे जाने
1) 2 से पूर्णतः विभाजित होनेवाली संख्याओं को सम संख्या कहते है। जैसे, 2,4,6,8,10
2) समसंख्या के ईकाई स्थान पर 0, 2, 4, 6, 8 अंक होते हैं।
3) 2 से निःशेष भाग न जानेवाली संख्याओं को विषम संख्या कहते हैं। (शेषफल सदैव 1 आता है)
जैसे, 3, 5, 7, 9, 11, 13,......
4) विषम संख्या में ईकाई के स्थानपर 1, 3, 5, 7, 9 यह अंक आते हैं।
5) जिन संख्याओं के 1 और वही संख्या विभाजक होते हैं उन संख्याओं को अभाज्य संख्याएँ कहते हैं।
जैसे, 2, 3, 5, 7, 11,13,......
6) दो से अधिक विभाजक वाली संख्याओं को संयुक्त संख्याएँ कहते हैं।
जैसे, 4, 6, 8, 9, 10, 12, 14, 15.......
7) 1 यह न तो अभाज्य है और न ही भाज्य संख्या है।
8) 2 यह एकमात्र अभाज्य सम संख्या है। 9) 2 के अंतर वाली अभाज्य संख्याओं की जोड़ियों को अभाज्य युग्म संख्याएँ कहते हैं।
जैसे, 3, 5,3; 11, 13 ; 29, 31 (1 से 100 तक में अभाज्य युग्म संख्याओं की 8 जोड़ियाँ है।)
10) जिन दो संख्याओं का सामान्य विभाजक सिर्फ 1 हो उन्हे सहअभाज्य संख्या कहते हैं। सहअभाज्य संख्याओं को सापेक्ष मूल संख्या भी कहते है।
जैसे, 3, 8 ; 21, 22 ; 28, 75.....
11) किन्हीं दो क्रमिक संख्याओं की जोड़ी सहअभाज्य संख्याओं की जोड़ी होती है।
12) यदि किसी संख्या में दो सहअभाज्य संख्याओं से भाग जाता हो तो उस संख्या में उनके गुणनफल से भी भागजाता है।
13) दी गई संख्या के दाएँ, बाएँ, आगे, पीछे वाली संख्या प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करना चाहिए।
जैसे, 235 के आगे आनेवाली 15 वीं समसंख्या
235 के बाद आनेवाली पहली समसंख्या = 235 +1 = 236
शेष समसंख्या = 14
समसंख्या में 2 का अंतर होता है इसलिए 14 x 2 = 28
पहली संख्या में 28 जोड़ने पर 236 + 28 = 264
इस प्रकार 235 के आगे आनेवाली 15 वीं समसंख्या 264 है।
(पीछे की संख्या निकालने के लिए घटाना पडता है।)
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