२०. कारक
उपघटक - कारक
संज्ञा तथा सर्वनाम के लिए रूप से उसका संबंध वाक्य से अन्य शब्दों से जाना जाता है, उसे कारक कहते हैं।
हिंदी भाषा में कारक आठ प्रकार के होते हैं -
| कारक का नाम | विभक्ति चिह्न | उदाहरण |
| 1) कर्ता कारक | ने | राम ने मारा। |
| 2) कर्म कारक | को | रावण को मारा। |
| 3) करण कारक | से, द्वारा | तीर से मारा। |
| 4) संप्रदान कारक | को, के लिए, के वास्ते | सीता के लिए मारा। |
| 5) अपादान कारक | से | राम लक्ष्मण से बड़े हैं। |
| 6) संबंध कारक | का, के, की, रा, रे, री | लक्ष्मण राम के भाई है। |
| 7) अधिकरण कारक | में, पर, तक | राम पर श्रद्धा रखो। |
| 8) संबोधन कारक | हे! अहो! अरे! | हे राम! |
1) को कारक : जिस शब्द से क्रिया के करनेवाले का ज्ञान होता है, उसे कर्ता कारक कहते हैं। इसका चिहन 'ने' है। यह चिह्न वाक्य में कभी आता है और कभी नहीं आता है।
रमेश ने प्रयास किया।
दीपक आम खाता है।
2) कर्म कारक : वाक्य में जिस पर क्रिया का फल पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं। इसका चिहन 'को' है। यह चिह्न भी वाक्य में कभी आता है और कभी नहीं आता है।
जैसे- रावण को मारा।
उस किताब को यहाँ रखो।
3) करण कारक : कर्ता द्वारा क्रिया को संपन्न करने में जिस साधन का प्रयोग किया जाता है, उसे करण कारक कहते हैं। इसका चिह्न से' और 'द्वारा' है।
जैसे- बाण से मारा।
पुलिस द्वारा अपराधी पकड़ लिया गया।
4) संप्रदान कारक : कर्ता द्वारा जिसके लिए कार्य किया जाता है, उसे संप्रदान कारक कहते हैं। इसका चिह्न 'को' के लिए के वास्ते' है।
जैसे- सीता के लिए मारा।
बच्चों को मिठाई दी।
तुम्हारे वास्ते कपड़े खरीदा।
5) अपादान कारक : वाक्य में शब्द के लिए रुप से एक वस्तु का दूसरी वस्तु से अलग होने अथवा तुलना करने का बोध होता है, उसे अपादान कारक कहते हैं। इसका चिह्न 'से' है।
जैसे- राम लक्ष्मणसे बड़े हैं।
पेड़ से पत्ते गिरे।
6) संबंध कारक : वे शब्द जो एक दूसरे से संबंध स्थापित करते हैं, उसे संबंधकारक कहते हैं। इसका चिहन 'का'. 'के', 'की', 'रा', रे', 'री', 'ना', 'ने', 'नी' आदि है।
जैसे- राम लक्ष्मण के भाई है।
तुम्हारी पुस्तक यहाँ है।
आपका भाई आ गया।
7) अधिकरण कारक : शब्द के जिस रूप से क्रिया के होने के स्थान का ज्ञान हो, उसे अधिकरण कारक कहते हैं। इसका चिह्न में', 'पर', 'तक' है।
जैसे- राम पर श्रद्धा रखो। चिड़ियाँ डाल पर बैठी है।
विद्यालय तक जाओ।
जेब में कलम है।
8) संबोधन कारक : किसी को पुकारने या बुलाने अथवा संबोधित करने के लिए जिस शब्द का प्रयोग होता है, उसे संबोधन कारक कहते हैं। इसका चिह्न 'हे', 'अहो', 'अरे' है।
जैसे- हे राम!
अरे भाई! संभलकर उठो।
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