१. आकलन - परिच्छेद

 

घटक - 1. आकलन

उपघटक - 1.1 : परिच्छेद

(☞゚ヮ゚)☞ इसे जानें

⇒ परिच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़े व समझें।

⇒ परिच्छेद पढ़ते समय घटना, प्रसंग, संवाद, वर्णन इत्यादि का स्मरण रखो।

⇒ परिच्छेद पढ़ने के बाद प्रश्न पढ़े और उसके पर्यायी उत्तर खोजें।

⇒ प्रश्न में कोई नया शब्द आता है, तो उसका उत्तर परिच्छेद में खोजें।

⇒ परिच्छेद आकलन के लिए शब्द संपत्ति पर प्रभुत्व आवश्यक है।

⇒ परिच्छेद से तीन प्रश्न पूछे जाते है।

परिच्छेद : 1

 प्रश्न 1 ते 3 : निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए उचित विकल्पचुनकर वृत्त में रंग भरें।

        आज भले ही मैं तुम्हें इतना विशाल महाकाय वृक्ष दिख रहा हूँ, लेकिन मेरा जन्म घर के आँगन में आम की गुठली से हुआ। तुम्हारे दादाजी ने मुझे आँगन से निकालकर अपने खेत की मेड़ पर लगाया। उस दिन तुम्हारे दादाजी के पिता जी की बरसी थी। अतः स्मृति वृक्ष के रूप में दादाजी तथा परिवार के लोग मेरा अधिक ध्यान रखने लगे। परिवारजन मुझे नियमित पानी देते रहे, सींचते रहे। मेरे चारों ओर कँटीली बाड़ लगाई गई। प्रतिवर्ष मुझ जैसे वृक्ष से पत्ते गिरते थे और फिर मै हरा-भरा बन जाता था। दिन मास और बरस बीतते गए। अब मैं छायादार पेड़ बन गया था। उस दिन का आनंद मैं व्यक्त नहीं कर सकता, जब पहली बार मुझ पर बौर आया-मंजरियाँ लगीं। अंबिया पकने लगीं।

प्र. 1. मेरा जन्म कहाँ हुआ था? "

1)आँगन में आम की गुठली से

2) खेत के मेंड़ पर

3) कटीली झाड़ी में

4) बगीचे में

स्पष्टीकरण : उपर्युक्त परिच्छेद में स्पष्ट किया गया है कि मेरा जन्म घर के आँगन में आम की गुठली से हुआ। उत्तर : पर्याय क्र. 01

प्र. 2. उस दिन क्या था?

1) दादाजी की बरसी थी।

2) पिताजी की बरसी थी।

3) दादाजी के पिताजी की बरसी थी।

4) उस दिन पर्यावरण दिवस था।

स्पष्टीकरण : उपर्युक्त परिच्छेद से स्पष्ट होता है कि उस दिन दादाजी के पिता जी की बरसी थी। उत्तर : पर्याय क्र. 3

 प्र. 3. परिवार के लोग मुझे नियमित क्या देते रहे?

1) भोजन देते रहे

2) पानी देते रहे

3) खाद देते रहे

4) दूध देते रहे

स्पष्टीकरण : परिच्छेद में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि परिवार के लोग मुझे नियमित रूप से पानी देते रहे। उत्तर : पर्याय क्र. 2

परिच्छेद : 2

 प्रश्न 1 ते 3 : निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर वृत्त में रंग भरें।

मेरा अस्तित्व बहुत प्राचीन काल से है। मेरा उल्लेख रामायण, महाभारत जैसे पौराणिक ग्रंथों में भी मिलता है। मेरी दुर्गमता के कारण अब तक चंद स्थानीय लोग ही मुझे जानते थे। 1931 में फ्रैंक स्मिथ नामक अंग्रेज पर्वतारोही कामेट शिखर से लौट रहा था। वह अपना रास्ता भूल गया और खोजते-खोजते संयोग से मुझ तक पहुँच गया। मेरे अंचल के बेशुमार रंग-विरंगे फूलों को देखकर उसने मेरा नाम रखा 'फूलों की घाटी'। सन् 1982 में भारत सरकार ने मुझे राष्ट्रीय उद्यान के रूप में तथा 1985 में संयुक्त राष्ट्रसंघ ने मुझे विश्व प्रकृति विरासत के रूप में घोषित कर मेरा सम्मान बढ़ाया है।

जब से लोगों को मेरे प्राकृतिक सौंदर्य का पता चला है। तब से कई प्रकृति प्रेमी और अध्येता यहाँ आते हैं। मेरे प्रांगण में कई औषधि वनस्पतियाँ भी उगती हैं। इनसे आयुर्वेद की गरिमा बढ़ी है। कई वनस्पतियाँ जहरीली भी होती हैं। मेरे साथ रंग-बिरंगी तितलियाँ, कस्तूरी मृग, भालू और तेंदुए भी रहते हैं।

प्र. 1. मेरा उल्लेख किन ग्रंथों में मिलता है?

1) महापुराण

2) वेद

3) रामायण, महाभारत

4) फूलों की घाटी

स्पष्टीकरण : उपर्युक्त परिच्छेद से स्पष्ट होता है कि मेरा उल्लेख रामायण, महाभारत जैसे पौराणिक ग्रंथों में भी मिलता है। उत्तर : पर्याय क्र. 03

प्र. 2. 1982 में भारत सरकार ने क्या घोषित कर मेरा सम्मान बढ़ाया?

1)राष्ट्रीय उद्यान

2) विश्व प्रकृति विरासत

3) कामेट शिखर

4) राष्ट्रीय वनस्पति

स्पष्टीकरण : परिच्छेद में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 1982 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित कर मेरा सम्मान बढ़ाया। उत्तर : पर्याय क्र. 1

 प्र. 3. विश्व प्रकृति विरासत के रूप में घोषित कर किसने मेरा सम्मान बढ़ाया?

1) भारत सरकार

2) संयुक्त राष्ट्र संघ

3) महाराष्ट्र सरकार

4) फ्रैंक स्मिथ

स्पष्टीकरण : परिच्छेद में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 1985 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने मुझे विश्व प्रकृति विरासत के रूप में घोषित कर मेरा सम्मान बढ़ाया है। उत्तर : पर्याय क्र. 2

परिच्छेद : 3

प्रश्न 1 ते 3 : निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर वृत्त में रंग भरें। -

     भारतीय पठारी प्रदेश की नदियों का उद्गम पश्चिमी घाट, विंध्य, सतपुड़ा और अरावली पर्वतों से होता है। नर्मदा नदी, सतपुड़ा और विंध्य पर्वतों के मध्य से बहती है। यह छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में से बहती है। तापी का उद्गम सतपुड़ा से होता है। यह मध्यप्रदेश, गुजरात में से बहती है। महानदी छत्तीसगढ़ के बस्तर की पहाड़ियों में से निकलती है और उड़ीसा में बहती है। गोदावरी और कृष्णा महाराष्ट्र के सह्याद्रि पर्वत से निकलकर महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में बहती हैं। कावेरी दक्षिण भारत की प्रमुख नदी है, इसका उद्गम कर्नाटक के ब्रह्मगिरि से हुआ है। यह कर्नाटक और तामिलनाडु से बहती है। साथ ही इसके किनारों में हमारे महान पुरूषों का संस्पर्श पाया है।

हमारा देश गरम हवा का है। अत: नदियों में स्नान करने का एक अलग ही आनंद होता है। हमारे जीवन  में जल के साथ प्रकाश का भी महत्त्व है। अत: नदियों में दीपक छोड़े जाते हैं।

प्र. 1. तापी का उद्गम कहाँ से होता है ?

1) विंध्य

2) अरावली पर्वत

3) सतपुड़ा

4) महानदी
स्पष्टीकरण : उपर्युक्त परिच्छेद से स्पष्ट होता है कि तापी का उद्गम सतपुड़ा से होता है। उत्तर : पर्याय क्र. 3

No comments

Hindi vyakaran Mock Test

Scholarship Exam 2024 PAPER 1/2 : Hindi अनेकार्थी शब्द Start The Quiz Time's Up score: Next question See Your Result Total Quest...

Powered by Blogger.