२. आकलन - कविता
उपघटक 1.2 : कविता |
इस प्रश्न में एक कविता दी जाती है और उससे संबंधित तीन प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न | के नीचे उत्तरों के चार पर्याय दिए जाते हैं। उनमें से सही उत्तर के क्रमांकवाले गोले को रंगना होता है।
कविता पर आधारित प्रश्नों के उत्तर कविता की किसी पंक्ति में या अर्थ में छिपा होता है। इसलिए कविता को ध्यान से पढ़कर उसका अर्थ समझना चाहिए।
☞ कविता के विषय, प्रसंग, वर्णन का स्मरण रखना चाहिए।
☞ कविता में आए नवीन शब्द का अर्थ जानने का प्रयास करना चाहिए।
☞ कविता आकलन के लिए शब्दों पर प्रभुत्व आवश्यक है।
| कविता : 1 |
निम्नलिखित कविता पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों के उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर वृत्त में रंग भरे ।
झम-झम, झम-झम मेघ बरसते हैं सावन के।
छम-छम-छम, गिरती बूंदें तरुओं से छन के।।
चम-चम बिजली चमक रही रे उर में घन के।
थम-थम दिन के तन में, सपने जगते मन के।।
तड़-तड़ पड़ती धार वारि की उन पर चंचल।
टप-टप झरती कर मुख से जल-बूंदें झल-मल।।
दादुर हर-टर करते, झिल्ली बजती झन-झन।
के-के करता रे मोर, पीउ-पीउ चातक के गन।।
पकड़ वारि की धार, झूलता है मेरा मन।
आओ रे! सब मुझे घेरकर गाओ सावन।।
इंद्रधनुष के झूले में, झूलें मिल सब जन।
फिर-फिर आए जीवन में सावन मनभावन।।
प्र. 1. मेघ किस प्रकार बरसते हैं ?
1) चम-चम
2) थम-थम
3) छम-छम
4) झम-झम
स्पष्टीकरण : कविता की प्रथम पंक्ति में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मेघ झम-झम बरसते हैं। उत्तर : पर्याय क्र. 4
प्र. 2. पीउ-पीउ कौन करता है?
1) दादुर
2) मेढ़क
3) चातक
4) मोर
स्पष्टीकरण : कविता से स्पष्ट है कि पीउ-पीउ चातक करता है। उत्तर : पर्याय क्र.3
प्र. 3. कवि किसके झूले में झूलना चाहता है ?
1) सावन
2) इंद्रधनुष
3) चातक
4) दादुर
स्पष्टीकरण : कविता से स्पष्ट होता है कि कवि इंद्रधनुष के झूले में झूलना चाहता है। उत्तर : पर्याय क्र. 2
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