१८. लिंग
उपघटक- लिंग
शब्द के जिस रूप से यह पता चलता है कि वह पुरुष जाति का है अथवा स्त्री जाति का, उस लिंग कहते हैं।
हिंदी भाषा में लिंग दो प्रकार के हैं- 1) पुल्लिंग 2) स्त्रीलिंग
१) पुल्लिंग : शब्द के लिए रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पल्लिंग कहते हैं। जैसे- लड़का, या, सूर्य, बच्चा, पर्वत, देव, आदि।
2) स्त्रीलिंग : शब्द के जिस रूप से स्त्री जाति का बोध होता है. उसे स्त्रीलिंग कहते हैं। जैसे- लड़की , का श्रीमती, मोरनी, औरत, कुतिया, देवरानी, नायिका आदि।
लिंग पहचान : लिंग की पहचान के कुछ नियम :
1) कुछ प्राणीवाचक संज्ञाएँ पुल्लिंग में ही होती हैं। जैसे- भेड़िया, मच्छर, साँप, खटमल, कौआ, सारस, गिद्ध, कछुआ, तिलचट्टा आदि।
2) कुछ प्राणीवाचक संज्ञाएँ स्त्रीलिंग में होती है। जैसे- चिड़िया, चूँ, कोयल, मक्खी, मछली, गिलहरी आदि।
3) कुछ ऐसे शब्द जिनका 'आ' का 'ए' नहीं होता है, वे स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे- कक्षा, सेना, प्रतीक्षा, परीक्षा, ____हवा, दवा आदि।
4) दिनों के नाम पुल्लिंग ही होते हैं।
5) कुछ महीनों के नाम पुल्लिंग होते हैं तथा कुछ महीनों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे
पुल्लिंग : मार्च, अप्रैल, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर।
स्त्रीलिंग : जनवरी, फरवरी, मई।
6) शरीर के कुछ अंग पुल्लिंग होते हैं, कुछ स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे
पुल्लिंग : हाथ, पैर, सिर, नेत्र, दाँत, पेट, अँगूठा, कान, मुँह, रक्त, खून, होंठ, फेफड़ा, शरीर, हृदय, दिल, पाँव आदि।
स्त्रीलिग : आँख, जीभ, भुजा, नाक, छाती, नस, गर्दन, नाडी, आँत, त्वचा, चमड़ी, टाँग, पीठ आदि।
7) कुछ ग्रहों के नाम पुल्लिंग व कुछ स्त्रीलिंग हैं। जैसे
पुल्लिंग : सोम, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि।
स्त्रीलिंग : पृथ्वी, रोहिणी।
8) कुछ धातुओं के नाम पुल्लिंग तथा कुछ के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे
पुल्लिंग : लोहा, सोना, ताँबा, एल्युमिनियम, जस्ता आदि।
स्त्रीलिंग : चाँदी, कलई।
9) कुछ अनाजों के नाम पुल्लिंग तो कुछ के नाम स्त्रीलिंग होते है। जैसे
पुल्लिंग : बाजरा, चना, गेहूँ, चावल आदि।
स्त्रीलिंग : सरसों, ज्वार, अरहर आदि।
10) द्रव पदार्थों के नाम प्रायः पुल्लिंग ही होते हैं। जैसे- दूध, पानी, तेल, शरबत, किंतु कुछ द्रव पदार्थों के नाम स्त्रीलिंग भी होते हैं। जैसे- कॉफी, लस्सी, चाय, शराब आदि।
11) आहारों के नाम :
पुल्लिंग : हलुआ, अचार, रायता, मुरब्बा आदि।
स्त्रीलिंग : रोटी, सब्जी, दाल, चटनी, पूरी, कचौरी आदि।
12) लिपियों एवं भाषाओं के नाम प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे- संस्कृत, देवनागरी, हिंदी, मराठी, रोमन आदि।
13) नदियों के नाम प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे- गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी, कावेरी, कृष्णा आदि।
14) नक्षत्रों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे- रोहिणी, पूरबा, अश्विनी, आदि।
15) तिथियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे- एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्थी, पूर्णिमा, अमावस्या आदि।
16) कुछ अकारांत निर्जीव शब्द स्त्रीलिंग होते हैं। जैसे- पुस्तक, किताब, बात, दुकान, रात, खाट, इमारत आदि।
17) त्व, पा, पन, य अंतवाले भाववाचक शब्द पुल्लिंग होते हैं। जैसे-व्यक्तित्व, मोटापा, बुढ़ापा, बचपन, लड़कपन,स्वास्थ्य, चातुर्य आदि।
18) ता, वट, हट, आस, आई अंतवाली भाववाचक संज्ञाएँ स्त्रीलिंग होती हैं। जैसे- मित्रता, कटुता, मनुष्यता, सजावट, बनावट, लिखावट, मिठास, मलाई, गहराई, ऊँचाई, चिल्लाहट आदि।
19) समूह, समुदाय, संघ, समाज, दल, वर्ग, जमघट आदि शब्द पुल्लिंग होते है।
पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के कुछ नियम निम्नलिखित हैं
1) अकारांत को आकारांत में बदलकर
पुल्लिंग स्त्रीलिंग
छात्र - छात्रा
बाल - बाला
मूर्ख - मूर्खा
शिष्य - शिष्या
2.'अ' को 'ई' में बदलकर
पुल्लिंग स्त्रीलिंग
गोप - गोपी
पुत्र - पुत्री
ब्राह्मण - ब्राह्मणी
गीदड़ - गीदड़ी
3) 'आ' को 'ई' में बदलकर
बेटा - बेटी
दादा - दादी
गधा - गधी
मामा मामी
चाचा - चाची
लड़का - लड़की
घोड़ा - घोड़ी
4) 'आ' को 'इया' प्रत्यय लगाकर
बेटा - बेटी
बछड़ा - बछिया
चूहा - चुहिया
कुत्ता - कुतिया
चिड़ा - चिड़िया
लोटा - लुटिया
बंदर - बंदरिया
5) 'अ' को 'इका' प्रत्यय में बदलकर
गायक - गायिका
नायक - नायिका
अध्यापक - अध्यापिका
बालक - बालिका
शिक्षक - शिक्षिका
पाठक - पाठिका
लेखक - लेखिका
6) 'अ/आ' को 'इन' प्रत्यय लगाकर
दर्जी - दर्जीन
सुतार - सुतारिन
सुहाग - सुहागिन
कुम्हार - कुम्हारिन
धोबी - धोबिन
ग्वाला - ग्वालिन
7) अंत में 'नी' प्रत्यय लगाकर
हाथी - हथिनी
सिंह - सिंहनी
उंट - उँटनी
मोर - मोरनी
शेर - शेरनी
8) अंत में 'आनी' प्रत्यय लगाकर हथिनी
सेठ - सेठानी
देवर - देवरानी
जेठ - जेठान
नौकर - नौकरानी
चौधरी - चौधरानी
9) 'आइन' प्रत्यय लगाकर
पुल्लिंग स्त्रीलिंग
पंडित - पंडिताइन
ठाकुर - ठकुराइन
बाबू - बबुआइन
लाला - ललाइन
10) 'इनी' प्रत्यय लगाकर
पुल्लिंग स्त्रीलिंग
हिरण - हिरणी
तेजस्वी - तेजस्विनी
सर्प - सर्पिणी
विद्यार्थी - विद्यार्थिनी
11) 'मान' को 'मती' में बदलकर
पुल्लिंग स्त्रीलिंग
श्रीमान - श्रीमती
बुद्धिमान - बुद्धिमती
12) ‘वान’ को ‘वती' में बदलकर
गुणवान - गुणवती
बलवान - बलवती
भगवान - भगवती
प्रज्ञावान - प्रज्ञावती
विद्यावान - विद्यावती
13) कुछ पुल्लिंग शब्द ऐसे हैं जिनमें उपरोक्त नियम लागू नहीं होते, जैसे
नर - नारी
क्षत्रिय - क्षत्राणी
आदमी - स्त्री
पुरुष - औरत
बैल - गाय
ससुर - सास
नेता - नेत्री
विद्वान -विदुषी
भाई - बहन
14) कुछ शब्दों के पहले 'नर' अथवा 'मादा'
शब्द लगाकर लिंग निर्धारित करते हैं, जैसे
नर खरगोश - मादा खरगोश
नर तोता - मादा तोता
नर कोयल - मादा कोयल
नर गिलहरी - मादा गिलहरी
नर मछली - मादा मछली
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