20. परिमिति
उपघटक -
4.2 : परिमिति
-इसे जानें
परिमिति : कुछ रेखाखंडों द्वारा निर्मित बंद आकृति की सभी भुजाओं की लंबाईयों के योगफल को आकृति की परिमिति कहते हैं।
1) किसी भी प्रतल के बंद आकृति की परिमिति = उसके सभी भुजाओं की लंबाइयों का योगफल।
2) आयत की परिमिति = 2 (लंबाई + चौड़ाई) = 2 (l x b)
3) वर्ग की परिमिति = 4 x भुजा की लंबाई (भुजा)²
4) त्रिभुज की परिमिति = तीनों भुजाओं की लंबाइयों का योगफल
5) समबाहु त्रिभुज की परिमिति = 3 x भुजा की लंबाई
6) समद्विबाहु त्रिभुज की परिमिति = 2 x समान भुजा की लंबाई + असमान भुजा की लंबाई
7) सम चतुर्भुज की परिमिति = 4x भुजा की लंबाई
8) वृत्त की परिधि =
2πr या πd [r = 3.14 या 22⁄7
r= त्रिज्या की लंबाई
d= व्यास की लंबाई .
9) अर्धवृत्त की परिमिति = πr + 2r या πr+d
० आकृति की भुजा की इकाई दी गयी हो तो इसके अनुसार परिमिति की इकाई लिखी जाती है।
० जो आकृति बंद नहीं है उसके परिमिति की गणना नहीं हो सकती।
० जितने गुना वर्ग की भुजा बदलती है उतने ही गुना उसकी परिमिति भी बदलती है।
० वर्ग के सभी भुजाओं को अंत: स्पर्श करने वाले वृत्त की त्रिज्या तथा उस वर्ग की भुजा का अनुपात हमेशा 1:2 होता है। परिधि
π = परिधि ⁄ व्यास
d = परिधि⁄ π
r = परिधि⁄ 2π
r= व्यास⁄ 2
परिधि = π × d
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