21. क्षेत्रफल
उपघटक - 4.3
क्षेत्रफल
♦ आकृति के सपाट पृष्ठभाग पर व्याप्त स्थान को आकति का क्षेत्रफल कहते हैं। इस क्षेत्र के माप का आकृति का क्षेत्रफल कहते हैं।
क्षेत्रफल के महत्वपूर्ण सूत्र :
1. त्रिभुज का क्षेत्रफळ = ½ × आधार × ऊँचाई.
त्रिभुज की अर्धपरिमिति (s) = [a + b + c] ⁄ 2 (a,b,c अर्थात् त्रिभुज की भुजाओं की लंबाई)
2. त्रिभुज की क्षेत्रफळ = √s (s-a) (s-b) (s-c) (हीरो का सूत्र)
3. समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × समकोण बनाने वाली भुजाओं की लंबाइयों का गुणन फल.
4. समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √3⁄4 × (भुजा)²
5. वर्ग का क्षेत्रफल = (भुजा)² या ½×(कर्ण)²
6. आयत का क्षेत्रफल = लंबाई x चौड़ाई
7. समचतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × विकर्णों की लंबाइयों का गुणनफल.
8. समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार x ऊँचाई
9. समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ × समांतर भुजाओं का योगफल x ऊँचाई
10. पतंगाकृति का क्षेत्रफल = ½× विकर्णों की लंबाइयों का गुणनफल
11. कमरे के चार दीवारों का क्षेत्रफल = आधार की परिमिति x ऊँचाई, अर्थात् 2 (लंबाई + चौड़ाई) × ऊँचाई
(कमरे का आकार घनाभ के जैसा होता है। कमरे का आधार आयताकार या वर्गाकार होता है।) |
12. वृत्त का क्षेत्रफल = πr² (π= 3.14 या 22⁄7) |
13. अर्धवृत्त का क्षेत्रफल = ½πr²
14. समबाहु त्रिभुज की उँचाई = √3⁄4 × (भुजा)
15. दवैत्रिज्य का क्षेत्रफल = x°⁄ 360° × πr² (x° = केंद्र पर बना कोण)
16. वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल = π (R²-r²) (R = बड़े वृत्त की त्रिज्या/r = छोटे वृत्त की त्रिज्या)
-इसे भी ध्यान में रखें।
1) वर्ग की भुजा दुगुनी करने पर उसका क्षेत्रफल चार गुना होता है। भुजा तीन गुना करने पर क्षेत्रफल नौ गुना होता है। अर्थात् भुजा जितने गुना बढ़ती है क्षेत्रफल उस भुजा के वर्ग के गुने में बढ़ता है।
2) दिए गये आयत की लंबाई दुगुनी तथा चौड़ाई आधी किया तो आयत के क्षेत्रफल में कोई अंतर नहीं आता।
3) दिए गये आयत की लंबाई एवं चौड़ाई दोनों ही दो गुनी करने पर क्षेत्रफल चार गुना हो जाता है।
4) वृत्त की त्रिज्या दो गुनी करने पर क्षेत्रफल चार गुना होता है।
1 वर्ग मी = 10,000 वर्गसेमी
100 वर्ग मी = 1 एअर
100 एअर = 1 हेक्टेयर
100 हेक्टेयर = 1 वर्ग किमी
1 हेक्टयर = 10,000 वर्गमी
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