26. लाभ-हानि
उपघटक - 6.3
लाभ-हानि
इसे जानें
♦ क्रय मूल्य : ग्राहक जिस कीमत पर किसी वस्तु को खरीदता है उस कीमत को वस्तु का क्रय मूल्य कहते हैं।
♦ विक्रय मूल्य : कोई वस्तु जिस कीमत पर बेची जाती है उस कीमत को वस्तु का विक्रय मूल्य कहते
♦ लाभ: किसी व्यक्ति/दुकानदार द्वारा कोई वस्तु खरीद कर उसे क्रय मूल्य से अधिक कीमत बेचा गया तो लाभ होता है।
विक्रय मूल्य > क्रय मूल्य → लाभ
लाभ = विक्रय मूल्य – क्रय मूल्य
♦ हानि : यदि विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से कम हो तो हानि होती है।
विक्रय मूल्य < क्रय मूल्य → हानि
हानि = क्रय मूल्य – विक्रय मूल्य
♦ लाभ या हानि सामान्यतः क्रय मूल्य पर होता है।
♦ लाभ या हानि को सामान्यतः प्रतिशत में बताते हैं।
महत्वपूर्ण सूत्र :
i) प्रतिशत लाभ = लाभ ⁄ क्रयमूल्य x 100
[क्रयमूल्य = विक्रयमूल्य – लाभ ]
[क्रयमूल्य = विक्रयमूल्य + हानि ।
ii) प्रतिशत हानि = हानि ⁄ क्रय मूल्य x 100
[विक्रयमूल्य = क्रयमूल्य + लाभ]
[विक्रयमूल्य = क्रयमूल्य – हानि ।
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