१३. संयुक्ताक्षरयुक्त शब्द
उपघटक - संयुक्ताक्षरयुक्त शब्द
इसे जानें
स्वर रहित व्यंजनों के मेल को संयुक्ताक्षर कहते है।
क्ष = क् + ष् + अ
त्र = त् + र् + अ
ज्ञ = ज् + ज् + अ
श्र = श् + र् + अ
द्य = द् + य् + अ
संस्कृत में कुछ संयुक्त व्यंजनों के लिए एक वर्ण के अक्षर बनाए गए हैं। हिंदी भाषा में भी इनका प्रयोग किया जाता है। क्ष, त्र, ज्ञ, श्र, द्य इसी प्रकार के अक्षर हैं।
क्ष - क् + ष् + अ (कक्षा, रक्षा, शिक्षा आदि)
कक्षा - क् + अ + क् + ष् + आ
त्र - त् + र् + अ (पत्र, मात्रा, यात्रा, रात्रि, आदि)
मात्रा - म् + आ + त् + र् + आ
ज्ञ - ज् + ज् + अ (यज्ञ, ज्ञान, आज्ञा आदि)
यज्ञ - य् + अ + ज् + ज्ञ् + अ
श्र - श् + र् + अ (श्रम, श्रुति, श्रमिक आदि)
श्रमिक - श् + र् + अ + म् + इ + क् + अ
द्य - द् + य् + अ (विद्यालय, विद्युत, विद्या आदि)
विद्यालय - व् + इ + द् + य् + आ + ल् + अ + य् + अ
जब एक ही व्यंजन का (पहली बार बिना स्वर के) दो बार साथ - साथ प्रयोग होता है तो उसे द्वित्व व्यंजन कहते हैं।
खट्टा - ख् + अ + ट् + ट् +आ
पत्ता - प् + त् + त् + आ
बच्चा - ब् + अ + च् + च् + आ
वर्ण-विच्छेद
कमल - क् + अ + म् + अ + ल् + अ
भारत - - भ् + आ + र् + अ + त् + अ
मंदिर - म् + अ + न् + द् + इ + र् + अ
भारतीय - भ् + आ + र् + अ + त् + ई + य् + अ
बुरा - ब् + उ + र् + आ
कपूत - क् + अ + प् + ऊ + त् + अ
मेला - म् + ए + ल् + आ
मैला - म् + ऐ + ल् + आ
सोना - स् + ओ + न् + आ
सौरभ - स् + औ + र् + अ + भ् + अ
कृति - क् + ऋ + त् + इ
प्रकृति - प् + र् + अ + क् + ऋ + त् + इ
गर्व - ग् + अ + र् + व् + अ
दुःख - द् + उ: + ख् + अ (द् + उ + (:) + ख् + अ)
चाँद - च् + आ + द् + अ हंस - ह् + अं + स् + अ
ट्रक - ट् + र् + अ + क् + अ
कुछ संयुक्ताक्षर के उदाहरण को ध्यान में रखकर छात्र समझने का प्रयास करें :
| स्वर | मात्रा-रूप | मात्रायुक्त व्यंजन | उदाहरण |
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ अं अँ अः | कोई नहीं ा ि ी ु ू ृ े ै ो ौ ं ँ ः | क् + अ = क क् + आ = का क् + इ = कि क् + ई = की क् + उ = कु क् + ऊ = कु क् + ऋ = कृ क् + ए = के क् + ऐ = कै क् + ओ = को क् + औ = कौ क् + अं = कं क् + अँ = कँ क् + अः = कः | कमल काजल किसान कीमत कुशल कूप कृषक केवट कैकेयी कोमल कौशल कंकाल कँवल काक: |
नमूना संयुक्ताक्षर के शब्दों को ध्यान देः
1) र् + अ + श् + म् + इ = रश्मि
2) न् + ऋ + त् + य् + अ = नृत्य
3) म् + उ + क् + त् + इ = मुक्ति
4) क् + ऋ + ष् + ण् + अ = कृष्ण
5) उ + न् + म् + उ + क् + त् + अ = उन्मुक्त
6) स् + फ् + ऊ + र् + त् + इ = स्फूर्ति
7) व् + य् + अ + व् + अ + स् + थ + आ = व्यवस्था
8) स् + व् + अ + प् + न् + अ = स्वप्न
पंचमाक्षर शब्दों को पहचानोः
1) श् + ङ + ख् + अ = शंख
2) प् + ञ् + च् + अ = पंच
3) झ् + ण् + ड + आ = झंडा
4) स् + न् + त् + अ = संत
5) ख् + म् + ब् + आ = खंबा
6) न् + अ + म् + र् + अ = नम्र
7) न् + अ + र् + म् + अ = नर्म
8) र् + आ + ष् + ट् + र् + अ = राष्ट्र
आधे होने वाले...................:
मुक्ति, डॉक्टर, रफ्तार, इफ्तिकार
खडी पाई वाले ...............:
मुख्य, ग्यारह, विघ्न, अच्छा, सज्जन, पञ्च, पुण्य, त्याग, पृथ्वी, ध्वनि, न्यायालय, गुप्त, छब्बीस, सभ्य, जिम्मेदारी, अय्यर बल्कि, व्यवहार, विश्वास, कष्ट, स्थान, लक्ष्मण, त्र्यंबक.
हलंत होने वाले ...............: वाङ्मय, उच्छ्वास, खट्टे, पाठ्य, कबड्डी, धनाढ्य, वृद्ध, चिह्न
'र' के प्रकार -
बर्फ, प्रिय, राष्ट्रीय
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